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मान्यता देने वाला बौखलाया

जिला शिक्षा अधिकारी बेबस
मंदसौर। अशासकीय विद्यालयों की मान्यता में जिस प्रकार से गड़बडिया हो रही है, मान्यता के नवीन और नवीनीकरण के मामले में जिस प्रकार से भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है इसे पाताल लोक ने प्रमुखता से उठाया, इसे लेकर मान्यता का प्रभारी बाबू प्रदीप वर्मा बौखला गया, उसने पालों के प्रतिनिधि के साथ जिला शिक्षा अधिकारी आरएल कारपेंटर, जिला क्रीड़ा अधिकारी अशोक कुमार पाटीदार, जिले की ऑडिटर महेश गर्ग की उपस्थिति में बदतमीजी की।
पालो जब मान्यता की जानकारी लेने जिला शिक्षा अधिकारी से उनके मिलने उनके चेंबर में गया था वहां पर जिला शिक्षा अधिकारी के साथ ही जिला क्रीड़ा अधिकारी अशोक कुमार पाटीदार ऑडिटर महेश गर्ग एवं अशासकीय मान्यता की टेबल का प्रभारी प्रदीप शर्मा उपस्थित था जब पालो ने उनसे जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी चाहिए कि 30 अप्रैल को आखिरी दिन तक कितने अशासकीय विद्यालय को नवीन और नवीनीकरण की मान्यता मिली? वह बोले उसके पहले ही अशासकीय विद्यालयों का प्रभारी मान्यता का प्रभारी बाबू प्रदीप वर्मा बदतमीजी से बौखला कर अनाप-शनाप चिल्लाने लग। जब जिला शिक्षा अधिकारी बेबस चुपचाप उसकी बदतमीजी सहते रहे, बाद में जब अशोक पाटीदार ने हस्तक्षेप किया तब जिला शिक्षा अधिकारी आरएल कारपेंटर ने मान्यता के प्रभारी बाबू प्रदीप वर्मा को चुप रहने का निर्देश दिया और कमरे से बाहर भेजा।
29 मार्च तक लगभग ४९१ मान्यताएं लम्बित थी और दिन भर जिस प्रकार से मान्यताओं को लेकर के खेल खेले गए उसे लेकर जो समाचार तथ्य पूर्ण पाताललौक ने प्रकाशित किए इससे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का काकस सदमे में है।
जिला शिक्षा अधिकारी से वार्ता
पालो – 30 मार्च तक कितने अशासकीय विद्यालयों को मान्यता नवीनीकरण किया गया या नवीन मान्यता दी गई?
कारपेन्टर – मैं आज ही आया हूं और अभी मुझे चुनाव की मीटिंग में जाना है मैं आपको बाद में जानकारी देता हूं।
पालो – कितने बजे तक मिल जाएगी जानकारी?
कारपेन्टर – अभी 4:00 बजे मुझे फिर वीडियो कांफ्रेंसिंग है और उसके बाद में आकर देख पाऊंगा फिर भी 5:00 से 6:00 बजे तक मैं ठीक से दे सकता हूँ किंतु जैसे मुझे जानकारी प्राप्त होगी, मैं आपसे को अवगत करा दूंगा।
पालो – आपके सामने मान्यता के प्रभारी ने जो बदतमीजी की है अनुशासनहीनता की है इस पर आपका क्या कहना है?
कारपेन्टर – उसको मैंने डांटा समझाया है जानकारी देना मेरा काम है उसने गलत बदतमीजी की उसके लिए मैं उससे बात करूंगा?
पालो – क्या उसके खिलाफ अभद्रता करने पर कोई कार्रवाई करेंगे?
कारपेन्टर – अभी जल्दी में मीटिंग में जा रहा हूं वहां से आकर आपसे बात करूंगा तब तक आप किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं करें।
कुछ ही दिनों बाद ट्रांसफर की
बहार आने वाली है, और उसमें भी अभी से ट्रांसफर की सेटिंग के लिए रेट तय किए जा रहे हैं विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि यह रेट अभी बहुत ज्यादा है, क्योंकि इसमें जिला शिक्षा अधिकारी से लगाकर प्रभारी मंत्री तक का हिस्सा होने की बात ट्रांसफर के दलाल कर रहे हैं, इस वर्ष ट्रांसफर ज्यादा होंगे क्योंकि अब सहायक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक जो पहले अध्यापक थे उनके स्थानान्तर की भी छूट हो गई है, एवं 15 साल बाद भाजपा के सरकार के बाद कांग्रेस की सरकार आई है तो स्थानीय कार्यकर्ताओं के दबाव में शिक्षकों के प्रशासनिक स्थानान्तर भी होंगे तो जिन शिक्षकों को डर है कि उनका स्थान पर कहीं दूर इंटीरियर में हो सकता है वे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के दलालों से सेटिंग कर अपना मनपसंद स्थान पर ट्रांसफर कराने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। पाताल लोक की न्यूज़ के बाद दलालों का कॉकस सदमे में है।
दलालों के इस कॉकस ने पाताल लोक अखबार को जिला शिक्षा अधिकारी में नहीं पढऩे का कॉकस के गु्रप ने पाताल लोक के बहिष्कार की मीटिंग की किंतु कुछ अधिकारियों ने इस पर अपनी असहमति व्यक्त कर दी क्योंकि कई अधिकारी कर्मचारी पाताल लोक से सीधे जुड़े हैं और वे पाताल लोक की विश्वसनीयता, प्रामाणिकता पर विश्वास करते हैं। अत: जो ईमानदार कर्मचारी हैं उन्होंने काकस के इस निर्णय का विरोध किया और उनका निर्णय अधूरा रह गया।
इनका कहना
जिला शिक्षा अधिकारी में हूं आप मुझसे बात कर रहे थे, जानकारी में देता, प्रदीप वर्मा को बीच में बदतमीजी नहीं करना थी, मैं कार्यवाही करूंगा। -आरएल कारपेंटर
जिला शिक्षा अधिकारी की भलमनसाहत का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं प्रदीप वर्मा को प्रेस या मीडिया वालों से बदतमीजी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए मैं इसके पक्ष में नहीं हूं।
अशोक कुमार पाटीदार , जिला क्रीड़ा अधिकारी
प्रदीप वर्मा को पालो के साथ जो बदतमीजी से बात नहीं करना थी, मैं उससे बात करूंगा।
-महेश गर्ग, जिला ऑडिटर

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