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गार्ड लगा देंगे पर दुकान नहीं हटेगी…

शराब ठेकेदार व आबकारी नियमों के आगे पंगू नजर आया प्रशासन
कालाखेत दुकान की तालाबंदी कर महिलाओं ने 3 घंटे किया प्रदर्शन, मतदान के बहिष्कार का फंडा भी नहीं आया काम
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

शहर के कालाखेत स्थित शराब दुकान को हटाने के लिए क्षेत्रवासियों ने दो सालों में 200 शिकायतें अब तक कर दी, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रैंगी। एसे में सोमवार को क्षेत्र की नारी शक्ति उग्र हो गई और दुकान पर तीन घंटे तालाबंदी कर जबरदस्त प्रदर्शन किया। बावजूद इसके ठेकेदार और आबकारी नियमों के आगे प्रशासन पूरी तरह पंगू नजर आया। इतने गंभीर मामले पर भी प्रशासन व ठेकेदार के तालमेल से दुकान के बाहर क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के लिए दो गार्ड तैनात करने का निष्कर्ष निकाल लिया गया, लेकिन दुकान अपने तय स्थान पर स्थानांतरित करवाने की हिम्मत कोई नहीं दिखा पाया। यहां तक की महिलाओं द्वारा दी गई मतदान बहिष्कार की चेतावनी भी काम नहीं कर सकी।
दरअसल दयामंदिर टॉकिज के पास कालाखेत में लगने वाली शराब दुकान के बोर्ड पर स्थान नयापुरा रोड लिखा होने के बावजूद दुकान यहां चलाई जा रही है, जिससे क्षेत्रवासी काफी परेशान हैं और कई शिकायतों के बावजूद दुकान नहीं हटी। नए वित्तीय वर्ष में दुकान नहीं हटने पर प्रदर्शन की चेतावनी पूर्व में ही क्षेत्रवासी दे चुके थे, लेकिन दुकान जस की तस रही। एसे में सोमवार को क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक महिलाएं अन्नू संघवी, साधना संघवी, तनु जैन, कुसुम जैन, लक्ष्मी रेकवार, अंगुरबाला जैन, गोदावरीबाई, सुमन रेकवार आदि यहां पहुंची और दुकान में बैठे दोनों सेल्समेन को बाहर निकालकर तालाबंदी कर दी। बाद में पास की केंटिन में शराब पी रहे शराबी भी रफू चक्कर हो गए और महिलाओं ने यहां का भी शटर गिरा दिया। कुछ ही देर में प्रदर्शन बड़ गया और मौके पर पहुंची निर्भया पुलिस को भी स्पष्ट कह दिया गया कि जब तक दुकान यहां से नहीं हटेगी तब तक कोई समझोता नहीं होगा। एसे में स्थिति बिगड़ते देख शहर निरीक्षक नरेंद्र यादव भी यहां पहुंचे। उन्हें महिलाओं ने आप बिती सुनाई कि शराबी दिनभर घरों के सामने उन्माद मचाते हैं, अश्लील हरकते करते हैं, गंदी-गंदी भाषा में बात करते हैं, घरों के सामने व दिवारों पर पैशाब करते है। हम घरों से बाहर ही नहीं निकल पाती है। बच्चे भी घर के बाहर खेल नहीं पाते। टीआई ने महिलाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया।
ये अधिकारी पहुंचे मौके पर
करीब तीन घंटे चले हंगामें के दौरान सीएसपी नरेन्द्रसिंह सौलंकी, तहसीलदार नारायण नांदेडा, नायब तहसीलदार वैभव जैन, आबकारी एडीओ बीएल सिंघाड़ा ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से चर्चा की। जिसके बाद दुकान खुल पाई। दरअसल यहां यह निर्णय लिया गया कि प्रतिदिन शराब दुकान के बाहर दो निजी गार्ड खड़े रहेंगे, जिनका जिम्मा क्षेत्रवासियों की शराबियों से सुरक्षा करना और आसपास गंदगी नहीं करने देना आदि होगा।
ठेकेदार ने कहा कुछ नहीं होना है
हंगामे के कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे इस दौरान ठेकेदार भूपेन्द्रसिंह ने आक्रोशित महिलाओं से कहा कि शासन के नियमों के आधार पर ही यहां दुकान लगी हुई है। आप भले ही दो-चार घंटे बैठ जाओ पर होना कुछ नहीं है। इतना कहकर ठेकेदार चल दिए। तब महिलाओं का आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने ठेेकेदार के खिलाफ भी आक्रोश जताया।

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