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महेंद्र की पद्मावति में गूंजी बंशी की धून

टिकिट बदल दो वरना मंदसौर में गई भाजपा…!
समन्वय बैठाने आए प्रदेश पूर्व संगठन मंत्री के सामने बिफरे सरपंच, ग्रामीण पदाधिकारी व अन्य, भाजपा प्रत्याशी के दो छर्रों पर खुलकर लगे दलाली के आरोप, अपनों के बीच घीरते दिखे भाजपा प्रत्याशी गुप्ता, पूर्व संगठन मंत्री भी आधी बैठक छोड़ हुए रवाना
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

जिला भाजपा महामंत्री महेंद्र चौरडिय़ा के पद्मावति रिज़ोर्ट में जिले की एक और ग्रामीण बंशी की धुन कुछ इस कदर गूंजी की भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व तक इसकी आवाज गई। दरअसल यहां आयोजित हुई समन्वय बैठक में मंडी कमेटी सदस्य बंशी हथुनिया के साथ आए संसदीय क्षेत्र के सरपंचों, संगठन के ग्रामीण पदाधिकारियों आदि के मुंह से कुछ शब्द रूपी बाण इस कदर चले कि कुछ ही देर में समन्वय तो तेल बेचने चला गया और समन्वय स्थापित करने आए प्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री माखनसिंह चौहान आधी बैठक से ही रवाना हो गए। दरअसल यहां भाजपा प्रत्याशी के बारे में यह तक कहा गया कि चौहान साहब टिकिट बदल दो वरना इस चुनाव में मंदसौर से भाजपा गई समझना। इसके पिछे जो तर्क दिए गए वे कितने सही ये तो खुद भाजपा प्रत्याशी व उनके छर्रे जाने, लेकिन बैठक में खुलकर कहा गया कि सुधीर गुप्ता के दो छर्रे अफीम के पट्टे देने तक के नाम पर 3-3 लाख रूपए वसूल रहे हैं। कुल मिलाकर इस बैठक में गुप्ता अपनों के बीच ही घीरते दिखे और माना यह भी जा रहा है, कि यदि इसी तरह का विरोध एकाध बार और हो गया तो पार्टी आला कमान को मंदसौर टिकिट के बारे में सोचने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
जिसका डर था आखिर वही हुआ। दरअसल भाजपा प्रत्याशी सुधीर गुप्ता का टिकिट फायनल होने के बाद से ही भाजपा संगठन से लेकर आम तबके में एक चर्चा जोरों पर थी कि अभी तो चुनाव में काफी समय है टिकिट बदल भी सकता है। हुआ यह कि भाजपा प्रत्याशी सुधीर गुप्ता की टिकिट फायनल होने के बाद से ही लगातार आला कमान को मंदसौर सीट से विरोध के स्वर सुनाई दे रहे थे। एसे में पार्टी ने समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री माखनसिंह चौहान को यहां भेजा। पद्मावति रिज़ोर्ट में बैठक प्रारंभ हुई, जहां जिला भाजपा के पदाधिकारियों सहित लोकसभा चुनाव उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार पूर्व मंत्री कैलाश चावला, प्रदेश भाजपा महामंत्री बंशीलाल गुर्जर आदि मौजूद थे। सूत्रों पर भरोसा करें तो अभी बैठक चालू ही हुई थी, कि कृषि उपज मंडी समिति सदस्य एवं किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष बंशीलाल हथुनिया सहित करीब 150 से 200 ग्रामीण भाजपा पदाधिकारी व सरपंच यहां पहुंचे। यहां सभी ने एक स्वर में भाजपा प्रत्याशी सुधीर गुप्ता का विरोध प्रारंभ कर दिया। विरोध के दौरान कहा गया कि मंदसौर सीट पर आला कमान को टिकिट बदलना होगी वरना मंदसौर में भाजपा चुनाव हार जाएगी। इसका प्रमुख कारण दलाल राज है। दरअसल यह आरोप भी लगाया कि सांसद के दो छर्रे गौरव अग्रवाल व राजेश नामदेव पर भी काफी गंभीर आरोप लगे। करीब आधे पौन घंटे चले इस घटनाक्रम में जब हालात बिगडऩे लगे तो पूर्व संगठन मंत्री माखनसिंह चौहान खुद-बा-खुद यहां से चलते हो गए।
इधर, इस घटना को लेकर दिनभर संसदीय क्षेत्र की भाजपाई राजनीति में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर रहा। कहीं इस घटना को पूरी तरह मैनेज बताया गया, तो कहीं आरोपों के सत्य होने की चर्चा रही। अब देखना यह है, कि चुनाव से एन पहले इस तरह का सियासी ड्रामा लोस मुख्यालय पर हुआ है। इस पर भाजपा आला कमान क्या प्रतिक्रिया करता है और कांग्रेस इसे किस हद तक भुना पाती है।
अफीम पट्टे के बदले तीन लाख
बैठक के दौरान भाजपा प्रत्याशी व उनके छर्रों पर जो आरोप लगे उनमें प्रमुख रूप किसानों से अफीम के पट्टे दिलवाने के नाम पर 3-3 लाख रूपयों की उगाई, बिना कमिशन सांसद निधी पंचायत के खातों में नहीं डालना, ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री प्रतिक्षालय, टैंकर, सड़क निर्माण से लेकर हर एक विकास कार्य में भारी भ्रष्टाचार, भाजपा संगठन के बंदों की सुनवाई न होते हुए भाजपा प्रत्याशी के निकटतम व्यक्तियों की पहले सुनवाई होना आदि गंभीर आरोप शामिल है।
संघ पदाधिकारियों ने नहीं दिया साथ
सूत्र बता रहे हैं, कि इस बैठक में मौजूद लोस के दावेदारों ने भी यह बात खुलकर कही कि बिते पांच सालों में संसदीय क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के खास-म-खास बंदों के अलावा खुद भाजपा संगठन के पदाधिकारियों तक की नहीं चली। संगठन के पदाधिकारियों को भी इनके छर्रों से चर्चा करनी पड़ती थी। गौरतलब है, कि खुद संघ की लॉबी से आने वाले सुधीर गुप्ता के भरी मेहफिल में चल रहे इस विरोध के दौरान संघ के भी कुछ पदाधिकारी यहां मौजूद थे। बावजूद इसके वे गुप्ताजी का बचाव करने की बजाय या तो आधे समय चुप रहे या आधे समय उनके विरोधियों की हा में हा मिलाते दिखे।
रात्रि भोज भी चर्चा में
प्रदेश भाजपा पूर्व संगठन मंत्री माखनसिंह चौहान एक दिन पूर्व ही यानि शनिवार रात तक ही मंदसौर पहुंच चुके थे और वे रात को वे प्रदेश भाजपा महामंत्री बंशीलाल गुर्जर के निवास पर भोज में भी शामिल हुए। एसे में पद्मावित रिज़ोर्ट में हुए घटनाक्रम के साथ ही बंशी दादा के घर हुआ यह रात्रि भोज भी संसदीय क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। अब इस भोज के दौरान क्या बंशी बजी ये खुद बंशी दादा ही जाने।
महेंद्र चौरडिय़ा ने क्या बिगाड़ा था
एक ओर जहां इस बैठक में जिला भाजपा के लगभग सभी पदाधिकारी अपेक्षित थे, वहीं सूत्र बता रहे हैं कि अपनी ही संस्थान के एक हाल में चल रही इस बैठक में प्रवेश पर जिला भाजपा महामंत्री महेंद्र चौरडिय़ा को अंदर नहीं घुसने दिया। बताया जा रहा है, कि उनकी उपस्थिति का कुछ लोगों को यह डर था कि कहीं बात यहां की वहां न हो जाए, लेकिन मौके पर हो-हल्ला ही इतना हो गया कि खुद-बा-खुद इसकी गूंज न सिर्फ संसदीय क्षेत्र तक बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच गई। अब बड़ा सवाल यह है, कि आखिर जलेबी की तरह सीधे चौरडिय़ाजी ने किस का क्या बिगाड़ा था जो उन्हें अंदर नहीं आने दिया।

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