NEWS :

तेरी होटल में कभी भी अफीम रखवा दूंगा

सुवासरा टीआई ने दी होटल संचालक को धमकी
एक सट्टे के केस में 2.53 लाख डकारने की शिकायत वाले ज्ञापन में होटल संचालक ने किया उल्लेख
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

अपनी करतूतों के बाद कोतवाली से कंट्रोल में और कंट्रोल से बाहर होकर सुवासरा पहुंचे टीआई जितेंद्रसिंह यादव वैसे तो नीत नए कारनामे करने में अब भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन उनमें से 27 मार्च की रात का एक सट्टे की कार्रवाई का एक कारनामा कुछ अधिक चर्चाओं में है। इसी मामले में सुवासरा में राधिका रेस्टोरेंट का संचालक सट्टे में 2.53 लाख डकारने की उनकी शिकायत लेकर शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंचा। आवेदक ने शिकायत में यह तक कहा कि टीआई यादव उसे धमकाते हैं, कि तेरी होटल में कभी भी अफीम रखवा दूंगा। फिर कहां जाएगा जेल में ही सड़ जाएगा।
शनिवार दोपहर सुवासरा पेट्रोल पंप चौराहा स्थित राधिका रेस्टोरेंट का संचालक दिनेश पिता कालूराम पाटीदार निवासी धलपट एसपी कार्यालय पहुंचा। यहां एसपी के नाम दिए ज्ञापन में उसने बताया कि 27 मार्च की रात सुवासरा-शामगढ़ रोड स्थित बायो डिजल पंप के सामने द्वारकाप्रसाद पिता परशुराम पाटीदार के कुए पर स्थित कच्चा मकान मेंं थाना प्रभारी सुवासरा जितेंद्रसिंह यादव ने दबिश देकर 12 लोगों को हिरासत में लिया व मौके से 2 लाख 70 हजार रूपए बरामद किए। किंतु बाद में केस सिर्फ 7 लोगों का बनाया गया और राशि 16,800 दर्शाइ। जबकि 5 लोगों 6 बाइक सहित छोडऩे का रेट 60 हजार तय हुआ, जो बाद में 45 के तोड़ पर पहुंचा। तब दिनेश पाटीदार ने इस बात का विरोध किया। इस बात के जवाब में टीआई यादव ने झल्लाते हुए पाटीदार को धमकाया कि तु ज्यादा मत बोल वरना तेरी होटल में अफीम रखवा दूंगा। खैर यहां तक भी पाटीदार ने साहब को कुछ नहीं कहा, लेकिन उसने साहब से निवेदन किया कि आप हम पांच लोगों का नाम अखबार में नहीं आने दोगे। इस बात के साहब ने 70 हजार पाटीदार से लिए। किंतु दूसरे दिन अखबार में जिन सात लोगों पर केस दर्ज हुए हैं उनके नाम छप गए। एसे में होटल राधिका का संचालक पाटीदार दु:खी होकर शनिवार को एसपी की शरण में पहुंचा और टीआई यादव की सारी पोल पट्टी खोल दी। एसपी विवेक अग्रवाल ने भी मामले को हाथो हाथ लेते हुए एएसपी गरोठ को जांच के आदेश कर दिए हैं, जिनने शनिवार शाम पाटीदार के बयान भी लिए।
छुटने वालों में भाजपा-कांग्रेस के नेता भी
मौके से पकड़ाए आरोपियों में अनिल पिता कन्हैयालाल धनोतिया(भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी), चेतन पिता ओमप्रकाश चौधरी(युकां प्रदेश सचिव), राजू उर्फ मामा पिता गोपाल उदिया(भाजपा नेता), जुगल पिता मांगीलाल वेद, मुकेश उर्फ लाला पिता शंकरलाल सोनी (मोबाइल व्यापारी), महेंद्र पिता शिवनारायण फरक्या (अनाज व्यापारी) सभी निवासी सुवासरा, श्यामलाल पिता बद्रीलाल पाटीदार (किसान), दिनेश पिता कालूराम पाटीदार, लालचंद्र पिता राजाराम पाटीदार सभी निवासी धलपट, मुन्ना पिता रईस पिता वकील शाह, रमेश पिता भेरूलाल विश्वकर्मा, मोईन पिता मकसूद खां सभी निवासी रूनिजा शामिल हैं। पुलिस ने इनमें से अनिल धनोतिया, चेतन चौधरी, राजू उदिया, जूगल वेद व लाला सोनी को छोड़ दिया।
आरोपी ही पहुंचा एसपी ऑफिस
आमतौर पर किसी भी आपराधिक मामले में तोड़ के बाद पुलिस की चिटींग ओपन नहीं हो पाई, लेकिन संभवत: यह पहला एसा मामला होगा कि जब कोई अपराधी खुद पुलिस द्वारा की गई संधि के उल्लंघन के बाद खुलकर एसपी कार्यालय पहुंचा और पूरे रायते के जग के ही तबियत से लात की मार दी। मामले की शिकायत लेकर पहुंचे विनोद पाटीदार का तो कहना है, कि मैं तो कोर्ट कचहरी भी करनी पड़ी तो करूंगा। इधर, इस मामले में जब सुवासरा टीआई यादव का व्यूह जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर 7987331183 पर शनिवार रात 8.35 बजे कॉल किया तो उनने कॉल उठाने की जहमत नहीं की।
कप्तान की फटकार का कोई असर नहीं
एक के बाद एक जिले के टीआई स्तर के अधिकारियों की शिकायतें जिला मुख्यालय स्थित कप्तान के दरबार में पहुंच रही है और तमाम शिकायतें काफी गंभीर है। एसे में कहीं न कहीं पिछले दिनों क्राईम बैठक में कप्तान की फटकार का भी लगता है जिले के थाना प्रभारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है। दरअसल कप्तान ने स्पष्ट ताकिद किया है, कि यदि किसी टीआई कि इस तरह की कोई शिकायत आई तो मैं सीधी कार्रवाई करूंगा। बावजूद इसके दो दिन पूर्व भावगढ़ टीआई की एनडीपीएस का झूठा केस बनाने की शिकायत और अब सुवासरा टीआई कि सट्टे में लेनदेन की शिकायत उनके पास पहुंच गई। अब देखना यह है, कि कप्तान कितनी जल्दी अपनी ताकिदगी पर अमल करते हैं।
ये हुआ था मौके पर
मामले में एसपी कार्यालय पहुंचे पाटीदार ने बताया कि जब टीआई ने दबिश दी और सभी को पकड़ा तो सबसे पहले तमाम राशि एक जगह अलग रखवा दी और 12 ही लोगों को एक जगह खड़े कर मौके की विडियोग्राफी करवाई। इसके बाद यही काम थाने पर भी किया गया। इस पूरे घटनाक्रम की विडियोग्राफी खुद टीआई के मोबाइल में तो मौजूद है, वहीं कप्तान को चाहिए कि सुवासरा थाने के सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले ताकि पूरी पिक्चर क्लियर हो सके।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामला काफी गंभीर है। हम ने मामले की तथा मामले में टीआई की कार्य प्रणाली की जांच प्रारंभ कर दी है। संभवत: दो दिनों में जांच पूर्ण होने के बाद हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाएंगे। फिलहाल चुनावी दौर चल रहा है तो एकदम किसी थाने को खाली करना भी मैं समझता हूं ठीक नहीं रहता। इसलिए पहले मामले की जांच करवा ली जाए।
-विवेक अग्रवाल, एसपी

patallok

Related Posts

leave a comment

Create Account



Log In Your Account