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गरीब किसान को तस्कर बनाने पर तुली पुलिस

मामला: भावगढ़ पुलिस द्वारा 8.25 क्विंटल डोडाचूरा पकडऩे का
ग्रामीणों ने दिया एसपी कार्यालय पर ज्ञापन, कहा भावगढ़ पुलिस ने बनाया झूठा केस, घर में बैठे दिनेश को बता दिया मौके से फरार
पालो रिपोर्टर = मंदसौर
भावगढ़ पुलिस ने 8.25 क्ंिवटल डोडाचूरा के मामले में जिस दिनेश को मौके से फरार होना बताया। दरअसल वह तो घटना के समय अपने घर पर परिवार व मित्रों के साथ था। यह आरोप भावगढ़ टीआई शिवकुमार यादव व भावगढ़ पुलिस पर ग्राम जवासिया के ग्रामीणों व भाजपा नेताओं ने गुरूवार को एसपी कार्यालय पर मामले में दिए गए ज्ञापन के दौरान लगाए। उन्होंने कहा कि भावगढ़ पुलिस एक गरीब किसान को जबरन तस्कर बनाने पर तुली हुई है। जबकि उसका न तो इस घटना से कोई लेना-देना है और न ही मौके से पकड़ाया ट्रैक्टर उसका है।
कटलार-पीपलखेड़ी मार्ग से भावगढ़ पुलिस द्वारा ट्रैक्टर एमपी 14 एसी 6150 से पकड़ाए 8.25 क्विंटल डोडाचूरा के मामले में भावगढ़ टीआई शिवकुमार यादव लगातार आरोपों में घीरते जा रहे हैं। गुरूवार को जवासिया गांव के ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर उनकी शिकायत करते हुए एक ज्ञापन सौंपा कि भावगढ़ पुलिस ने जबरदन एक गरीब किसान को तस्कर बताकर डोडाचूरा के मामले में आरापी बना दिया है। जबकि घटना के वक्त तो दिनेश गांव में ही अपने दोस्तों और परिवार के साथ था। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि मौके से पकड़ाया ट्रैक्टर मांगीलाल पिता पृथ्वीराज कुमावत निवासी जवासिया का है, किंतु पुलिस ने गरीब किसान दिनेश पिता मगनलाल कुमावत को आरोपी बना दिया। जबकि दिनेश का न तो ट्रैक्टर है न उसने इसे किराए पर या किसी तरह के अनुबंधा पर लिया था। साथ ही ट्रैक्टर मालिक मांगीलाल कुमावत से भी दिनेश या दिनेश के परिवार के किसी सदस्य की कोई रिश्तेदारी भी नहीं है। बावजूद इसके भावगढ़ पुलिस ने न सिर्फ दिनेश को आरोपी बनाया, बल्कि दिनेश के घर जाकर उसके परिजनों को भी जबरन परेशान व मानसिक रूप से प्रताडि़कत कर रही है। असल में दिनेेश एक मामूली किसान है और खेती किसानी से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उस पर वृद्ध माता-पिता व छोटे-छोटे बच्चों की भी जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने मांग की है, कि दिनेश पर लगाया गया यह झूठा केस खारिज किया जाए। इस दौरान सुरेंद्र पाटीदार, उमेश शर्मा, औंकारलाल, हेमंत, बंटी, चीनू, विशाल आदि ग्रामीण मौजूद थे।
ये है भावगढ़ पुलिस की कहानी
इधर, मामले में खुलासा करते हुए भावगढ़ पुलिस ने बताया था, कि मौके से ट्रैक्टर ट्रॉली पुलिस को देख पास में आकर रूकी और बाद में चालक मौके से फरार हो गया। उसकी पहचान ट्रैक्टर व पुलिस वाहन की लाइट में भागते समय दिनेश कुमावत निवासी जवासिया के रूप में हुई थी। जबकि ग्रामीणों ने इस दौरान उसे अपने घर पर होना बताया। अब कप्तान खुद इस मामले में साफ-सुथरी व इमानदार जांच बैठाए तो संभवत: दूध का दूध पानी का पानी होने की उम्मीद है। वरना ये तो वो जिला है साहब जहां एनडीपीएस के मामले में अब तक न जाने कितने एसे प्रकरण बन गए हैं, जिनमे पुलिस के सामने ही आरोपी भागे और अब तक पकड़ में नहीं आए, तो वहीं कितने ही एसे मामले भी हुए जिनमें ग्रामीणों ने फर्जी केस बनाने का आरोप लगाया।
तीसरे मामले में आरोपी बना दिनेश
इधर, एक अन्य जानकारी में भावगढ़ टीआई शिवकुमार यादव ने बताया कि दिनेश कुमावत पर पूर्व में भी एनडीपीएस के मामले दर्ज हैं। साल 2011 में वह एक किलो 300 ग्राम अफीम के केस में सजा काट चुका है। इसके बाद साल 2017 में 2.80 क्ंिवटल डोडाचूरा के मामले में वह फरार चल रहा था, जिसकी पुलि को तलाश थी। इसी तरह उस पर कुछ चेक बांउस के भी केस हैं। उधर, सूत्रों पर भरोसा करें तो साल 2017 में निरधारी के पास से एक ट्रक से बरामद हुए 26 क्ंिवटल डोडाचूरा के मामले में भी दिनेश का नाम चर्चा में रहा था।
कोई मुद्दा नहीं छोड़ रही भाजपा
सालों से विपक्ष में रहने के अनुभव का भाजपा प्रदेश में सरकार बदलते ही पूरा उपयोग कर रही है और कोई भी छोटा से छोटा मुद्दा भी भाजपाई छोड़ नहीं रहे हैं। इसके उदाहरण मंदसौर में भी लगातार दो दिनों देखे जा रहे हैं। पहला भाजपा विधायक द्वारा एक अपहरण के मामले में प्रेस कॉंफ्रेस करने में देखा गया, तो दूसरा गुरूवार को इस ज्ञापन के दौरान सामने आया। जब मौके पर जवासिया के ग्रामीण कम और भाजपा नेता अधिक दिख रहे थे। इनमे जिपं सदस्या अंशुल बैरागी, जपं अध्यक्ष शांतिलाल मालवीय, भाजयुमो जिलाध्यक्ष हितेश शुक्ला, सुरेंद्र पाटीदार, मिथुन वप्ता, दीपक बड़सोलिया आदि मौजूद थे।
जांच करने के लिए कहा है
जो कुछ लोग आए थे और मामले में एएसपी को ज्ञापन दिया है। मुझे एक जानकारी ओर लगी है, कि आरोपी पूर्व में भी एनडीपीएस के मामले में फरार चल रहा है। मैंने एसडीओपी ग्रामीण बीबी चौधरी को मामले की जांच करने के लिए कहा है। जिससे भावगढ़ पुलिस की भूमिका और यदि आरोपी पूर्व में फरार था तो अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया आदि बिंदु स्पष्ट हो जाएंगे।
-विवेक अग्रवाल, एसपी

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