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विधायक ने कहा आरक्षक को बचाने में लगी पुलिस

मामला: नाबालिग को पुलिस जवान द्वारा भगा ले जाने का
एक माह में लाइन में पदस्थ आरक्षक को भी नहीं पकड़ पाई पुलिस, न्याय के लिए भटक रहा बच्ची का पिता
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

शहर के अभिनंदन नगर से पुलिस लाइन में पदस्थ एक आरक्षक एक नाबालिग को एक माह पूर्व भगा ले गया और शहर पुलिस उसे बचाने का पूरा प्रयास कर रही है। यहां तक की पिता के कहने पर भी रिर्पोट में भी आरक्षक शब्द भी नहीं लिखा और अब बेचारा पिता अपनी बेटी की तलाश में दर-दर की ठोकरे खा रहा है। जब हमारी पुलिस एक माह से लाइन में पदस्थ आरक्षक तक को हिरासत में नहीं ले सकी तो आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा।
यह आरोप प्रदेश के वरिष्ठ विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में जिला पुलिस पर लगाए। दरअसल वे पिछले माह 27 फरवरी को साई मंदिर से गुम हुई एक 16 वर्षीय युवती के संदर्भ में बोल रहे थे। विधायक सिसौदिया ने बताया कि युवती के पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें युवती को बहला-फूसलाकर अपहरण करने का केस भी बाकायदा दर्ज हुआ और युवती के पिता की आशंका के चलते शाकासिंह निवासी सुखेड़ा जिला रतलाम के युवक का नाम भी लिखा गया। जबकि उक्त युवक पुलिस आरक्षक होकर वर्तमान में पुलिस लाइन में ही पदस्थ बताया जा रहा है। बावजूद इसके शहर पुलिस न सिर्फ उसका बचाव कर रही है। बल्कि एफआईआर में उसके आरक्षक होने की पहचान भी दर्ज नहीं की गई। युवती के पिता मेरे पास आए और उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है, कि उनकी कोई नहीं सुन रहा। मैंने इस मामले में गृह मंत्री बाला बच्चन, एसपी विवेक अग्रवाल से भी चर्चा कर उन्हें पूरा मामले की डिटेल डाल दी है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया है, कि उक्त आरक्षक अधिकांश समय ड्यूटी से नदारद रहता है, शराब पीने का आदि भी है और फितरती दीमाग वाला है। वह पहले से शादी शूदा है उसके बावजूद उसने यह घीनौना कृत्य किया है। पुलिस को आरक्षक को तत्काल हीरासत में लेना चाहिए और बालिका को भी राउंडअप कर पीडि़त परिवार की मदद करना चाहिए। एक प्रश्न के उत्तर में सिसौदिया ने कहा कि मैं यह प्रेस वार्ता सरकार या कानून व्यवस्था को घेरने के लिए नहीं बल्कि महज बालिका के पिता को न्याय दिलाने की उम्मीद से कर रहा हूं, ताकि मीडिया के माध्यम से यह मामला प्रदेश के सीएम और डीजीपी तक भी पहुंचे और उन्हें पता लगे कि उनकी पुलिस अपने ही कर्मचारियों के अपराधों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है।
एक ही मकान में किराएदार थे दोनों
विधायक सिसौदिया ने बताया कि काफी समय तक आरक्षक शाकासिंह व नाबालिग बच्ची अपने परिवार के साथ अभिनंदन नगर में एक ही मकान में किराए पर रहते थे। इसी दरमियान शाकासिंह ने भ्रम जाल में बच्ची को फसाया और मौका आने पर उसे बहला-फूसलाकर ले गया और अब पुलिस भी मामले में महज खाना पूर्ति कर रही है। इस तरह के संगीन मामले में महज एफआईआर दर्ज कर ईतिश्री करना उचित नहीं है।
इस मामले में संदेही आरक्षक अपराध दिनांक के पूर्व से ही ड्यूटी से गैर हाजिर चल रहा है। उसे नोटिस भी भेजे गए हैं और जल्द ही हम उसे राउंडअप कर लेंगे।
-विवेक अग्रवाल, एसपी

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