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आज बिन प्रहलाद के जलेगी होली

जिलेभर में धुमधाम से होगा होलिका दहन
दुल्हन की तरह सजेंगे होलिका पांडाल, सब कुछ होगा बस शहर को अपनी मां मानकर उसकी भक्ति करने वाला प्रहलाद दादा ही नहीं होगा
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

सतयुग में भक्त प्रहलाद के साथ होलिका दहन की परंपरा शुरू हुई, जिसे अब तक शहर धुमधाम से मनाता था। हालांकि वही धुमधाम इस साल भी होगी। होली के बड़े-बड़े पांडाल दुल्हन की तरह इस साल भी सजेंगे, लेकिन इस साल शहर की होली प्रहलाद विहिन होगी। दरअसल उस युग में भगवान नारायण की भक्ति करने वाला प्रहलाद होली में जलने के बावजूद भी अपनी भक्ति के बुते बच गया था। ठीक उसी तरह शहर को अपनी मां मानकर उसकी भक्ति करने वाला नपाध्यक्ष प्रहलाद दादा की इस बार होलिका दहन में काफी कमी खलेगी। होली की उंची-उंची लपटें तो होगी, लेकिन गगनचुंभी जयकारों की दहाड़ निकालने वाला शहर का शेर प्रहलाद बंधवार नहीं होगा। धुलैंडी और रंगपंचमी की गैर तो होगी, लेकिन इस गैर में दादा की गैैर मौजूदगी गालों पर जमे रंगों के रूप में शुल की तरह चुभेगी। खैर बावजूद इसके दादा इस शहर के दिलों की धड़कन में ता-उम्र धड़कते रहेंगे। कोशिश यही रहेगी कि उनकी गैर मौजूदगी में भी यह शहर हर उत्सव इस शान-ओ-शौकत से मनाएगा, कि उनकी आत्मा भी इस उत्साह को देख हमेशा तृप्त होती रहेगी।
भगवान विष्णु की भक्ति की अग्नि परीक्षा 20 मार्च को देशभर में होलिका दहन के साथ होगी। इसी तारतम्य में जिलेभर में भी होलिका दहन धुमधाम से मनाया जाएगा। शहर में सैकड़ों स्थानों पर होलिका दहन का आयोजन हर्षोल्लास के साथ आयोजित होना है। इसके लिए बुधवार देर रात तक होलिका पांडालों में जमकर तैयारियां चलती रही। शहर में कई होली पांडालों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। जिला मुख्यालय पर सबसे प्रमुख होलिका दहन जीवागंज स्थित गोवर्धननाथ मंदिर का होलिका दहन होगा, जहां पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ परंपरागत रूप से होली दहन की जाएगी। इसी तरह पुराने होलिका पांडालों में गणपति चौक, गांधी चौराहा, नेहरू बस स्टैंड, बड़ा चौक, घंटाघर, नयापुरा रोड, बालागंज, कालाखेत, खानपुरा, नर्सिंहपुरा आदि स्थानों पर धुमधाम से होली दहन किया जाना है। इसके अलावा शहर की नई बसाहट अभिनंदन नगर, मेघदूत नगर, गांधी नगर, अग्रसेन नगर, शांतनु विहार, प्रेम कॉलोनी, सीतामउ फाटक, रामटेकरी, ऋषियानंदन नगर, किटीयानी, जनता कॉलोनी, महारानी लक्ष्मीबाई चौराहा सहित शहरभर में करीब 300 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन का आयोजन 20 मार्च की शाम ढलते ही किया जाएगा। सभी होलिका पांडालों को दुल्हन की तरह सजाया गया है, तो वहीं यहां होलिका दहन उत्सव में डीजे की धुन पर युवा भी जमकर ठूमके लगाएंगे।

चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस व्यवस्था
होली सुरक्षा को लेकर कप्तान ने बताया कि थानावार पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं विषेश टास्क फोर्स लगाए गए हैं। जिला मुख्यालय पर पर पुलिस व्यवस्था को 6 बीटों में विभाजित कर लगभग 50-60 प्रमुख होलीका दहन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, संवेदनशील, अतिसंवेदनशील स्थलों पर पुलिस फिक्स पिकेट्स, असामाजिक तत्वों की निगरानी हेतु मंदसौर शहर की बाह्य नाका बंदी, बेरीकेटिंग व्यवस्था, शहर में आवश्यक पुलिस पेट्रोलिंग, चार्ली मोबाइल, गैर व्यवस्था, विडियों केमरा टीम, सादी वर्दी में पुलिस व्यवस्था रखी गई हैं।
नवविवाहिता व गर्भवति महिलाएं लेगी फैरे
होलिका दहन के बाद से ही हिंदू परंपरानुसार होलिका दहन का क्रम प्रारंभ हो जाएगा। इसके तहत हिंदू महिलाएं होलिका के फैरे लेकर प्रतिदिन अल सुबह होली पर जल चढ़ाकर उसे ठंडी करेगी व परिवार की खुशहाली तथा निरोगी काया की कामना करेगी। एक परंपरा यह भी है, कि होली में गर्भवति व नवविवाहित महिलाएं भी फैरे लेती हैं।
नई धान की होगी शुरूआत: परंपरा
सनातन धर्म में एसी मान्यता है, कि होली उत्सव से ही घर में नए धान की शुरूआत की जाती है। इसी के चलते गेहूं की अधपकी उम्बियां बाजार से खरीदकर लोग होली की आंच में पकाते हैं और फिर घर ले जाते हैं। इसी के चलते 20 मार्च को शहरभर में गेहूं की उम्बियां भी जमकर बिकेगी। शाम ढलते ही शहरभर में ढोल-ढमाकों के साथ होलिका दहन का उत्सव प्रारंभ हो जाएगा जो देर रात तक चलेगी। कुछेक स्थानों पर अल सुबह भी होलिका दहन किया जाएगा।

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