NEWS :

पाण्डेय गुट का गणित एमएलए की ट्यूनिंग

काश्यप और विजयवर्गीय के साथ तोमर की दूरबीन भी निहार रही है क्षेत्र
बंशीलाल गुर्जर चाक चौबंद, तो सुरेन्द्र पाण्डेय लीडरशीप को लेकर गम्भीर

मंदसौर। सियासत के अंदाज में अब प्रभाव वर्चस्व और अधिपत्य भी शुमार हो गया है … यह अंदाज दोनों दल में देखा जा सकता है … इस प्रभाव की रिर्हसल लोकसभा चुनाव के पहले देखी जा सकती है … पिछले समय आधे-अधूरे वर्चस्व से सियासत के पर्दे पर दिखाई देने वाली पाण्डेय गुट की यह पिक्चर अब दम साधकर लोकसभा चुनावों में खुद को साबित करने के लिये रिलीज की जा रही है … भूतकाल में स्व. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय कई बार भारी भरकम पटवा गुट के सामने खुद को साबित कर चुके है … यहीं नहीं तमाम गतिरोधों और विकट परिस्थितियों में स्व. पाण्डेय 81 वर्ष की पौते-नातियों को खिलाने की उम्र में भी डंके की चोट से लोकसभा का टिकट ले आये थे।
अब भी जिले प्रदेश और केन्द्र में नामचीन सियासत के कई बंदे पाण्डेय गुट के अखाड़े से दीहनीत होकर ख्रुद को स्थापित कर चुके है … अब इस गुट की बागडोर स्व. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय के पुत्र सुरेन्द्र पाण्डेय ‘छोटे पाण्डेयÓ सम्भाल चुके है और वे फॉम में भी है … आज की सियासत के चोर दाँव, उठापटक, शह और मात के पेंचो-खम से ‘छोटे पाण्डेयÓ बखूबी वाकिफ है … वे चाहते है पाण्डेय गुट की लीडरशीप पहले की तरह चरम पर आ जाये … इसके लिये चाक चौबंद होकर सबको समेटा जा रहा है।
एमएलए का गणित ज्ञान
पाण्डेय गुट के सिपहसालार छोटे पाण्डेय जानते और समझते भी है कि लोकसभा के लिये अव्वल तो विधायकों का खुद के पाले में होना आवश्यक है … इसलिये वे पिछले लम्बे समय से न सिर्फ संसदीय क्षेत्र के विधायक और संगठन के बंदों से ट्यूनिंग कर उनके टेपीट सेट करने में लगे थे बल्कि गाहे-बगाहे उनके पेचिंदा कार्यों को सुलझाने में दिल्ली-भोपाल में अपनी ऊर्जा को फूंके हुए थे, विधानसभा के दौरान भी अपने गुट को सक्रिय रूप से छोटे पाण्डेय ने अपने पसंदीया विधायकों को पहन में झोंका भी।
सूत्र बताते है नीमच जिले के दो विधायकों से उनकी आत्मिय मित्रता है जो समय आने पर दोस्ती का फर्ज अदा कर सकते हैं। मंदसौर जिले के संसदीय क्षेत्र में एक विधायक उनके घर का है तथा दो विधायकों से उनकी जर्बदस्त ट्यूनिंग है … हालांकि छोटे पाण्डये की प्रायटी के बाद इन विधायकों ने अपनी ख्वाहिश के नेता का भी नाम दिया है। संगठन के खास बंदे भी व्हाया स्व. पाण्डेय के सदके छोटे पाण्डेय पर विशेष स्नेह रखते है…!
सबकी अपनी लड़ाई
लोस टिकट के तलबगार अपनी-अपनी लड़ाई लड़ रहे … सुधीर गुप्ता टिकट को लेकर कांफिडेंस में है लेकिन संसदीय क्षेत्र में कुछ विधायकों पर दूसरे गुटों ने गणित बिगाडऩे के लिये कांटा डाल रखा है … इसी तरह बंशीलाल गुर्जर भी पिछली चूकों से सबक लिये हुए है सो वे भी चॉक चौबंद है … इधर कैलाश चावला भी अपने तई पूरी मेहनत कर रहे है लेकिन सबका गणित आकार संसदीय क्षेत्र के विधायकों पर भी ठहरेगा वह इसलिये कि जिसके पक्ष में अधिक विधायक होंगे वह दावेदारी के लिय स्टाँग माना जायेगा। इधर चेतन काश्यप, कैलाश विजयवर्र्गीय भी लम्बी नजर वाली दूरबीन से नये समीकरणों को देख रहे है … तो इधर की लोस को नरेन्द्रसिंह तोमर भी जातीय समीकरणों के पत्तो से फेंट भी रहे है और देख भी रहे है।

patallok

leave a comment

Create Account



Log In Your Account