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पुण्य के बगैर धन का कोई मूल्य नहीं

मंदसौर। हमारी संस्कृति में दान का बड़ा महत्व है लेकिन सभी प्रकार के दानों से श्रेष्ठ है। जिन शासन में स्वयं का दान करना श्रावकों को जिनवाणी पर आस्था रखनी चाहिए क्योंकि तीर्थकर की बात कभी गलत नहीं हो सकती। उक्त उद्गार संत श्री आगम दाता गौतम मुनि महाराज साब ने गोधरा में दीक्षा समारोह के पूर्व दिवस अपने प्रवचन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा दीक्षार्थी कई प्रकार के होते हैं सही दीक्षार्थी वह है जो शेर की तरह दीक्षा ले और शेर की तरह ही उसे पालन करें। उन्होंने ज्ञान की महिमा भी दीक्षार्थी के संदर्भ में बताइए श्री गौतम मुनि महाराज साहब ने अनेक उदाहरण सहित वल्कल ऋषि का भी उदाहरण देते हुए सम्यक दर्शन का महत्व बताया उन्होंने कहा पुण्य के बगैर धन का कोई मूल्य नहीं है। वैभव मुनि महाराज साहब ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रमण धर्म को अंगीकार करें जो सभी काल घर बाहर शत्रु मित्र और इंद्रियों को जीत कर कषाय रहित हो जाता है वही साधु है। स्वाध्याय और ध्यान साधु के लिए भी आवश्यक है साध्वी श्री डॉ मधुबाला महाराज साहब ने दिक्षार्थि को बधाई देते हुए अनेक भजनों के माध्यम से दीक्षा के महत्व को समझाया।
आज होगी दीक्षा: गोधरा श्री संघ में नरेंद्र सुराणा जो की हैदराबाद के निवासी हैं दीक्षा लेकर अपने आप को संत मार्ग पर दीक्षित करने हेतु तत्पर हैं। कार्यक्रम में सभी श्रोताओं ने उनके इस कदम का भाव भीना स्वागत किया।
स्थापित होगा महावीर चिकित्सालय: संघ प्रमुख योगेश शाह ने बताया की गुरुदेव की प्रेरणा से शीघ्र ही महावीर चिकित्सालय की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें सभी गरीब व्यक्तियों को निशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है की गुरुदेव श्री गौतम मुनि महाराज जी के माध्यम से देशभर में अनेक सेवा प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। दीक्षा समारोह में भाग लेने के लिए देश भर से श्रद्धालु एवं भक्तों का तांता लगा हुआ है।

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