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अवैध छात्रवृति में लोकायुक्त प्रकरण दर्ज

मन्दसौर। आदिम जाति एंव पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग मन्दसौर मे तत्कालीन जिला संयोजक आनन्दराय सिन्हा के कार्यकाल में हुए अवैध छात्रवृति एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों पर एक के बाद एक लोकायुक्त मे जांच प्रकरण पंजीबद्ध हो रहे है। पूर्व में भी एक करोड़ साठ लाख की अवैध छात्रवृति वितरण का मामला लोकायुक्त में प्रचलित है। इसके बाद एक अन्य प्रकरण फर्जी नियुक्ति तथा उसी में पदोन्नति का भी प्रचलन में है। इस बार लोकायुक्त ने जो जांच प्रकरण पंजीबद्ध किया है उसमे लगभग 50 से 60 लाख रूपए की नियमों के विरूद्ध जाकर छात्रवृति वितरण, कोर्स की समय सीमा से अधिक छात्रवृति देने, शासन द्वारा तय राशी से अधिक छात्रवृति वितरण, मान्यता मिलने से पूर्व पैरामेडिकल कॉलेज को छात्रवृति पोर्टल पर पंजीकृत करने एंव विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों के स्कॉलरशिप हेतु एक ही बैंक में खाते होने जैसे शिकायत पर जांच प्रकरण क्र. 497/18 दर्ज किया गया है।
उक्त शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता एंव पत्रकार योगेश पोरवाल द्वारा दिनांक 11/01/2019 को की गई थी। शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि तत्कालीन जिला संयोजक आनन्दराय सिन्हा द्वारा निजी कॉलेजों से कपटसंधि कर 3 वर्ष के कोर्स में 4 वर्ष की छात्रवृति वितरण कर दी गई। इतना ही नहीं इनके द्वारा शासन के द्वारा तय राशि से अधिक छात्रवृति भी विद्यार्थियों को वितरीत की गई है। इसी शिकायत में लिखा गया कि सिन्हा ने एक निजी पैरामेडिकल कॉलेज को मान्यता से पूर्व शासन के पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया। जिससे ऑफलाईन छात्रवृति वितरण का संदेह होता है । शिकायत में न केवल मन्दसौर बल्की उमरिया में भी वर्तमान में जिला संयोजक आनन्दराय सिन्हा द्वारा किए जा रहे अवैध कार्यों तथा भ्रष्टाचार के मुख्य बिन्दु भी तथ्यों के साथ लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे जिस पर लोकायुक्त कार्यालय भोपाल द्वारा जांच प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। उक्त शिकायत में तत्कालीन जिला संयोजक आनन्दराय सिन्हा, पिछड़ा वर्ग छात्रवृति विभाग प्रमुख दिपक लोठ, अजा/अजजा वर्ग छात्रवृति विभाग प्रमुख कृष्णकान्त श्रीवास्तव एंव सांईनाथ पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक एवं तिरूपती पैरामेडिकल कॉलेज उमरिया के संचालक का नाम शामिल है।

patallok

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