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चोरी के वायरस से हैंग हुआ सेमसंग शोरूम

पुलिस को झांसा देने के लिए वर्क आउट के कपड़ों में आए आधा दर्जन से अधिक चोट्टे, 12 मिनट में 11 लाख के 47 मोबाइल व एक सोने की चैन चुराई
पालो रिपोर्टर = मंदसौर

आम तौर पर चोट्टों की पहचान उनके हाव-भाव, कपड़ों आदि से रात्रि गश्त में पुलिस कर लेती है, लेकिन पुलिस के इसी अंदाजे को झांसा देने के लिए बुधवार-गुरूवार की दरमियानी रात चोरों ने एक नया पाट अदा किया। दरअसल करीब आधा दर्जन से अधिक युवा चोर ठीक वैसे कपड़े पहनकर आए मानो कहीं मोर्निंग वॉक पर, जीम में या किसी भर्ती के लिए रनिंग के लिए जा रहे हो। इन चोरों ने गांधी चौराहा स्थित सेमसंग शोरूम को अपनी चोट्टाई के वायरस से हैंग कर दिया और पुलिस के कैमरों की टाईमिंग के अनुसार महज 12 मिनट में शोरूम में रखे तकरीबन 11 लाख किमत के 47 मोबाइल व एक सोने की चैन पर हाथ साफ कर दिया।
गांधी चौराहा और नेहरू बस स्टैंड स्थित बालाजी मंदिर के पास लगे पुलिस के सीसीटीवी कैमरों के अनुसार विक्रम गुर्जर के गांधी चौराहा स्थित सेमसंग शोरूम के बाहर करीब 6 से अधिक युवाओं के खड़े रहने की लोकेशन आई। ये युवा यहां तड़के 4.38 से 4.42 तक यहां तापते हुए नजर आ रहे थे और लगभग सभी इधर-उधर निगरानी भी रखते जा रहे थे, कि कोई आ तो नहीं रहा। एक कैमरे के अनुसार दो युवक शोरूम की ओर जाते हुए भी नजर आए। बाद में यही युवक गांधी चौराहा स्थित महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल के यहां दिखाई दिए और इसके बाद इनकी अंतिम लोकेशन 4.52 बजे बड़े बालाजी मंदिर के पिछे लगे कैमरों में नेहरू बस स्टैंड की ओर पैदल जाते हुए नजर आई। इसके बाद रोज की तरह विक्रम पिता लक्ष्मीनारायण गुर्जर निवासी बंटी चौराहा नई आबादी अपने गांधी चौराहा स्थित सेमसंग शोरूम को खोलने पहुंचे। यहां पहुंचते ही वे हक्के-बक्के रह गए। क्योंकि शोरूम के करीब 22 फिट उंचे शटर के दोनों तालों के नकूचे टूटे हुए पड़े थे। जब गुर्जर ने शटर उठाकर अंदर प्रवेश किया तो उनके होश उढ़ गए। दरअसल शोरूम के डिस्पले तथा रिपेअरिंग काउंटर में पड़े करीब 12 मोबाइल, गोदाम में पड़े लगभग 35 मोबाइल, काउंटर के ड्रॉवर में रखी एक सोने की चैन जो कि शोरूम संचालक गुर्जर अक्सर वर्क आउट पर जाते समय यहां छोड़ जाया करते हैं भी गायब भी। इस चैन को उनने 3 साल पहले एक लाख रूपए में खरीदा था। गुर्जर ने तत्काल पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला, शहर निरीक्षक अजय सारवान दलबल के साथ यहां पहुंचे और बारिकी से मौका-मुआयना किया। बाद में यहां एफएसएल दल भी पहुंचा और अनुसंधान में सहायतार्थ अपनी रिपोर्ट तैयार की। इधर, सूत्रों पर भरोसा करें तो पुलिस इस वारदात को काफी गंभीरता से ले रही है और चोरों के करीब-करीब भी पहुंच चुकी है। संभवत: एक-दो दिन में मामले में खुलासा भी हो सकता है।

नागदा से 11.40 की अवध में बैठे चोट्टे
प्राप्त जानकारी के अनुसार चोर मंदसौर में इस वारदात को अंजाम देने के बाद सुबह करीब सवा 5 बजे नेहरू बस स्टैंड से इंदौर जाने वाली राजपुरोहित बस में बैठे। इस बस के स्टॉप ने पुलिस को बताया कि वे लोग रतलाम तक पहुंचे और वहां से महिदपुर की ओर जाने वाली बेगम बस में बैठे। इतनी डिटेल के बाद स्थानीय पुलिस ने रतलाम, इंदौर, उज्जैन जिले के कंट्रोल रूम व पुलिस को चोरों का हुलिया बताया। इस आधार पर नागदा पुलिस के मुखबिर तंत्र के अनुसार चोट्टों की लास्ट लोकेशन सुबह 11.40 बजे नागदा स्टेशन की थी, जहां से वे अवध एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए। अब पुलिस अवध एक्सप्रेस जिन-जिन जिलों से होकर गुजरती है उन जिलों की पुलिस की मदद ले रही है।
चोट्टों के पास रहन रखा जिला
लगता है बिते कुछ माह से खाकी ने जिले को चोट्टों के पास रहन रख दिया हैं। शायद यही कारण है, कि विगत एक साल में चोरों ने आधी रात से लेकर दिन दहाड़े तक बड़ी-बड़ी नकबजनियों को बैखोफ अंजाम दिया। इसका त्वरित उदाहरण हाल ही में हर्ष विलास पैलेस में दिन दहाड़े हुई वारदात है। इसी तरह शामगढ़, भानपुरा, सीतामउ, सुवासरा आदि क्षेत्रों में भी कई चोरियां हो चुकी है।
महानगरीय एक्सपर्ट गैंग की आशंका
जिस तरह के कपड़े चोरों ने पहन रखे थे उससे व चोरों के वारदात को अंजाम देने के बाद शहर से बाय बस व बाद में ट्रैन से कूच करना इस ओर स्पष्ट इशारा कर रहा है, कि ये चोर गैंग जिले से बाहर किसी महानगर की होकर काफी एक्सपर्ट है। जिन्हें पता था, कि आधी रात को चोरी की तो गांधी चौराहा जैसे व्यस्ततम बाजार में पकड़े जाने का डर है। एसे में में उनने सुबह का वो वक्त चुना जब युवा वर्ग वर्क आउट के कपड़ों में कॉलेज मैदान, जीम आदि वर्क आउट के लिए पहुंचते हैं और ठीक एसे ही कपड़े चोरों ने पहन रखे थे।
शहर में ही रूके हुए थे चोट्टे
इतनी बड़ी चोरी और वह भी गांधी चौराहे जैसे स्थान पर जहां अक्सर रात 2 बजे तक पुलिस का वाहन खड़ा दिखता है। एसे में यह भी प्रबल आशंका है, कि चोरों ने करीब एक सप्ताह पहले से शहर में डेरा डाला हुआ था और उनने बाकायदा शोरूम की रैकी की। अब पुलिस के सामने एक बड़ा सवाल यह भी है, कि चोट्टे यदि मंदसौर में ही रूके थे तो उनका प्रशयदाता कौन था। क्योंकि जिस चतुराई से वारदात को अंदाम दिया गया। उससे साफ है, कि ये चोर किसी होटल या धर्मशाला में तो नहीं रूके होंगे। संभवत: पुलिस खुलासे में यह भी सामने आए कि शोरूम संचालक के जानने वाले किसी स्थानीय बंदे ने ही चोरों का साथ दिया हो।
एक चोर के पैर में हल्की सी लचक
चोट्टों के हुलिए पर गौर करें तो लगभग सभी ने टी-शर्ट, लोअर और स्पोट्र्स के जूते पहने हुए थे। सभी के कंधों पर बेग लटके हुए थे, जिससे आम नागरिकों को यह लगे कि ये कोई बाहरी यात्री हैं जो स्टेशन या बस स्टैंड जा रहे हैं और पुलिस को इन्हें देख यह लगे कि ये सभी वर्क आउट के लिए जा रहे हों। मामले में वायरल हुए विडियो को यदि गौर से देखें तो एक जो सबसे लंबा चोर है उसके चलने के तरिके से लग रहा है कि उसके एक पैर में हल्की सी लचक भी है।

क्या कहते हैं संबंधित
आज सुबह जब शोरूम खोलने आया तो वारदात का पता चला। मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ठ हूं। जरूर यह वारदात किसी बाहरी गैंग ने की है। घटना में 47 मोबाइल व एस सोने की चैन जिनकी किमत करीब 11 लाख है चोरी हुए हैं।
-विक्रम गुर्जर, शोरूम संचालक
शटर के ताले का नकूचा तोड़कर चोर अंदर घुसे हैं। पुलिस के कैमरों में चोर नजर आ रहे हैं जो करीब आधा दर्जन से अधिक हैं। हम पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रहे हैं। संभवत: जल्द ही चोर फिरफ्त में होंगे।
-राकेश मोहन शुक्ला, सीएसपी

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