NEWS :

डॉ मोरे ने चेकअप के बिना अपने फर्जी हस्ताक्षरों से करना चाहा प्रसुता का रैफर

डॉ मोरे ने चेकअप के बिना अपने फर्जी हस्ताक्षरों से करना चाहा प्रसुता का रैफर

शामगढ़ अस्पताल का मामला, परिजनों ने किया विरोध तो एक घंटे बाद आकर बनाया असल रैफर लेटर, जिला अस्पताल में हुआ सामान्य प्रसव

पालो रिपोर्टर = मंदसौर
शामगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ शोभा मोरे एक बार फिर अपनी कारस्तानी से उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब रात के तीसरे पहर उनने एक प्रसुता महिला का चेकअप किए बिना ही अपने फर्जी हस्ताक्षरों के रैफर लेटर से उसे जिला अस्पताल रैफर करने प्रयास किया। परिजनों के विरोध के चलते एक घंटे बाद डॉ मोरे अस्पताल पहुंची और अपने असल हस्ताक्षर युक्त रैफर लेटर दिया। जबकि पूरा मामला सामान्य था रैफर जैसी कोई नौबत ही नहीं थी और हुआ भी यही कि जिला अस्पताल में महिला का सामान्य प्रसव हुआ।
दरअसल रात करीब करीब 3 बजे मेराज बी पिता शमीर अहमद को गर्भावस्था में शामगढ़ अस्पताल लाया गया। यहां उपस्थित नर्स ने डॉ शोभा मोरे को आने के लिए फोन लगाया। बताया जा रहा है, कि डॉ मोरे ने बिना अस्पताल आए फोन पर ही कह दिया कि मरीज को जिला अस्पताल रैफर कर दो। एसे में नर्स ने भी अपनी समझदारी दिखाते हुए डॉ मोरे के फर्जी हस्ताक्षर कर रात सवा तीन बजे परिजनों को रैफर लेटर थमा दिया। जबकि परिजनों के अनुसार रैफर जैसी को स्थिति ही नहीं थी। एसे में परिजनों ने जब विरोध किया और नर्स से जब हालात नहीं संभले तो उसने पुन: डॉ शोभा मोरे को कॉल किया और बताया। इस पर आखिकार सुबह 4 बजे डॉ मोरे को घर से उठकर आना ही पड़ा। हालांकि आने के बाद भी मेडम ने मरीज को रैफर ही किया। सुबह सवा चार बजे मेडम ने अपने असल हस्ताक्षर का पत्र मरीज के परिजनों को सौंपा। इसके बाद प्रसुता को जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसने सामान्य प्रसव से एक स्वस्थ्य नवजात का जन्म दिया। इस पूरे घटनाक्रम में जहां बिना कारण मरीज को रैफर करने से परिजन परेशान हुए, वहीं डॉ शोभा मोरे का एक अमानवीय चेहरा सामने आया कि रात को वे चाहती तो तत्काल अस्पताल आ सकती थी। बताया जा रहा है, कि मामले में परिजनों ने कलेक्टर धनराजू एस को भी शिकायत की है।
सालभर पहले हुई थी गर्भस्थ की मौत
बता दें कि करीब साल भर पूर्व भी शामगढ़ अस्पताल में एक गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी थी। इस मामले में भी डॉ शोभा मोरे की लापरवाही सामने आई थी, जिन पर विभगीय जांच भी बैठी थी, लेकिन बताया जा रहा है, कि शोभा मोरे की पहुंच और विभागीय ढील-मूल रवैये के चलते जांच रफा-दफा हो गई।

Create Account



Log In Your Account